शुक्रवार | जुलाई २०, २०१८ तक के समाचार
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नेहरू से आगे निकले मोदी
मुस्लिम महिलाओं के कल्याण के लिए जिस काम को पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार नहीं कर पाई थी, उसे नरेन्द्र मोदी की सरकार ने कर दिखाया है। इससे उन्हें बधाई मिल रही है। 
सही फैसला, पर गलत समय
चारा घोटाले का फैसला गलत समय पर आया है? यही चर्चा कुछ लोग कर रहे हैं। वे कहते हैं कि राजनीतिक वातावरण को ढाल बनाकर फैसले को अलग रंग दिया जाएगा, जो बिहार का दुर्भाग्य है।
अपराध की खबर देने वाला ही अपराधी
यह विचित्र बात है कि जिसने अपनी रिपोर्ट में अपराधियों की सिलसिलेवार खबर दी, वही एक दिन हत्यारा साबित हुआ। वह कोई और नहीं, बल्कि सुहैब इलियासी है।
साबरमती एक्सप्रेस के वे जले डिब्बे
गोधरा रेलवे स्टेशन के बैकयार्ड में हमेशा एक खामोश सन्नाटा पसरा होता है। यही वह जगह है, जहां साबरमती एक्सप्रेस के जले हुए डिब्बे खड़े हैं।
नीतीश सुशासन का सामंती चेहरा
बिहार में हक की बात करना गुनाह है। भागलपुर के समाहरणालय की घटना कोई पहला उदाहरण नहीं है, जहां हक के लिए आवाज उठाने वालों को बर्बर तरीके से पीटा गया हो।
सरकार गोरक्षा का वचन पूरा करे: संत समाज
7 नवंबर, 1966 की घटना का जिक्र करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन शर्मा बताते हैं, “मुझे अनौपचारिक तौर पर बताया गया था कि करीब 11 हजार राउंड गोलियां चलाई गई थीं। यह भी पता चला था कि करीब दो घंटे तक गोलियां चलती रहीं। इसमें 2700 से 2800 गो-भक्तों की जानें गई थीं।”
चिदंबरम को हेरा-फेरी की पुरानी आदत है: संजय श्रीवास्तव
मनमोहन सरकार में वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम की हेरा-फेरी एनडीटीवी तक ही सीमित नहीं है। वे हेरा-फेरी में माहिर हैं। यह उनकी पुरानी आदत है। नोएडा के आयकर आयुक्त संजय श्रीवास्तव का यही दावा है।
चिदंबरम का एनडीटीवी से कारोबारी रिश्ता: एसके. श्रीवास्तव
पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का एनडीटीवी से गहरा कारोबारी रिश्ता है। अगर सरकार जांच के आदेश दे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगी। नोएडा के आयकर आयुक्त संजय श्रीवास्तव यह दावा कर रहे हैं।
यह साहेब की सरकार है
‘बिहार में बहार है, साहेब की सरकार है।’ मोहम्मद शहाबुद्दीन को जमानत मिली तो नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए यह लिखा गया।
यूपी की नक्कारी पुलिस, महिलाएं असुरक्षित
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई सामुहिक बलात्कार की घटना पर राज्य पुलिस के बारे में क्या कहा जाए? वह नक्कारी पुलिस नहीं तो क्या है? वहीं पीड़ित परिवार का चेहरा देखकर सूबे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं के बारे में अंदाजा लगाएं।
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कब और किसने बनाया गांधीजी को ‘राष्ट्रपिता’?
लखनऊ की छठी कक्षा की छात्रा ऐश्वर्या पराशर ने अपने सवाल से प्रधानमंत्री कार्यालय को निरुत्तर कर दिया। सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करते हुए उसने पूछा था कि महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' की उपाधि कब और किस आदेश के तहत दी गई थी?
भगत सिंह को 'शहीद' नहीं मानती है सरकार!
सरकार भगत सिंह को शहीद मानने के लिए तैयार नहीं है। आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं, जो यह साबित करे कि भगत सिंह को कभी शहीद घोषित किया गया था।
जाट आंदोलन के बीच महिला यात्रियों से गैंग रेप
हरियाणा के सोनीपत जिले में नेशनल हाईवे-एक पर सोमवार की सुबह कुछ वाहनों को रोककर उनमें सवार महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। वहीं पुलिस इसे अफवाह बताकर पल्ला झाड़ रही है।
राजनीतिक दल आरटीआई के दायरे में क्यों नहीं?
सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए भारतीय लोकतंत्र में आम नागरिक को सरकार की गतिविधियों को जानने का अधिकार प्राप्त है। इसी कड़ी का हिस्सा है वर्ष 2005 में पारित सूचना का अधिकार (आरटीआई)।
सरकार धारा 370 पर चर्चा को तैयार: पीएमओ
भाजपा लोगों को समझाना चाहती है और इस मुद्दे के दीर्घकालिक समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीका अपनाएगी।
गुजरात दंगे का बदला लेना चाहता था अबरार?
गुजरात एटीएस ने मुंबर्इ सेअबरार अहमद नाम के एक व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार उस पर गुजरात दंगों का बदला लेने का षड्यंत्र रचने के आरोप हैं।
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